GST 2.0 में कारोबारियों को बड़ी राहत की तैयारी, गिरफ्तारी के प्रावधान हटाने और रिफंड प्रक्रिया तेज करने की सिफारिश
नई दिल्ली, 9 अक्टूबर 2026।
केंद्र सरकार ने GST व्यवस्था को सरल बनाने और कारोबारियों को राहत देने की दिशा में कई अहम कदम उठाने की सिफारिश की है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में 8 अक्टूबर को हुई GST काउंसिल की 57वीं बैठक में कर व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुधारों पर सहमति बनी।
ये हैं प्रमुख फैसले और प्रस्ताव:
- रिफंड प्रक्रिया में तेजी: रिफंड आवेदन की स्वीकृति की समय-सीमा 15 दिन से घटाकर 10 दिन करने की सिफारिश की गई है। पात्र मामलों में जोखिम के आकलन के आधार पर 90% रिफंड राशि जारी करने का प्रावधान प्रस्तावित है।
- गिरफ्तारी के प्रावधान हटाने की सिफारिश: GST कानून की धारा 69 के तहत गिरफ्तारी की शक्तियां समाप्त करने का प्रस्ताव रखा गया है।
- आपराधिक कार्रवाई की सीमा बढ़ेगी: अभियोजन की मौद्रिक सीमा ₹1 करोड़ से बढ़ाकर ₹5 करोड़ करने की सिफारिश की गई है।
- इनपुट टैक्स क्रेडिट में राहत: ITC से जुड़े नियमों को अधिक सरल और पारदर्शी बनाने के लिए बदलाव प्रस्तावित हैं। वास्तविक खरीदारों को राहत देने के उपायों पर भी काम किया जाएगा।
- छोटे कारोबारियों के लिए सरल व्यवस्था: ₹5 करोड़ तक के कारोबार वाले कुछ उपभोक्ता-केंद्रित व्यवसायों के लिए वैकल्पिक वार्षिक रिटर्न और तिमाही भुगतान योजना को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है।
महत्वपूर्ण बात: ये सुधार GST काउंसिल की सिफारिशों पर आधारित हैं। इन्हें लागू करने के लिए संबंधित कानूनी और नियमगत प्रक्रियाएं आवश्यक हैं। इसलिए इन्हें तत्काल प्रभाव से लागू हो चुके नियम मानना सही नहीं होगा। बैठक में GST दरों में कोई नया बदलाव नहीं किया गया।
सरकार का उद्देश्य कारोबारियों के लिए अनुपालन आसान करना, रिफंड में देरी कम करना और कर व्यवस्था को अधिक भरोसेमंद बनाना है।
भारत सरकार, प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB), 8 अक्टूबर 2026।

