अयोध्या के बाद हरिद्वार में सख्ती: मनसा देवी मंदिर में चोरी पर जीरो टॉलरेंस, महंत रविंद्र पुरी ने दिलाई ईमानदारी की शपथ
हरिद्वार। अयोध्या के राम मंदिर में हुई चोरी और हाल ही में मनसा देवी मंदिर में चढ़ावे व दान राशि से जुड़ी चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए निरंजनी अखाड़े के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी ने मनसा देवी मंदिर में सेवायतों, कर्मचारियों और संबंधित लोगों की बैठक ली।
बैठक में सभी को शपथ दिलाई गई कि मंदिर में किसी भी प्रकार की चोरी, गड़बड़ी या श्रद्धालुओं के साथ अनुचित व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि चोरी किसी भी कीमत पर माफ नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
बैठक के दौरान कई नए नियम भी लागू किए गए। ड्यूटी के दौरान कोई भी कर्मचारी निजी या सामान्य वस्त्र पहनकर कार्य नहीं करेगा, सभी को निर्धारित वर्दी में ही सेवा देनी होगी। श्रद्धालुओं से अपील की गई कि वे मंदिर में दान या कोई भी मूल्यवान वस्तु अर्पित करते समय उसकी रसीद (स्लिप) अवश्य प्राप्त करें, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
महत रविंद्र पुरी ने यह भी कहा कि यदि किसी कर्मचारी का भरण-पोषण करने में कठिनाई है, तो उसकी जिम्मेदारी मंदिर ट्रस्ट उठाएगा। लेकिन आर्थिक परेशानी को चोरी का कारण नहीं माना जाएगा। उन्होंने दो टूक कहा कि मंदिर की गरिमा और श्रद्धालुओं के विश्वास से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
यह कदम मंदिर में पारदर्शिता, सुरक्षा और श्रद्धालुओं के विश्वास को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।



