राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा बदलाव: चंपत राय की जगह कृष्ण मोहन बने अंतरिम महासचिव, संभालते ही तय कीं तीन प्राथमिकताएं
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में बड़ा प्रशासनिक बदलाव हुआ है। चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद महासचिव चंपत राय का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है। उनकी जगह ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्य एवं पूर्व भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
73 वर्षीय कृष्ण मोहन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से लंबे समय से जुड़े रहे हैं और प्रशासनिक अनुभव के लिए जाने जाते हैं। उन्हें पिछले वर्ष ट्रस्ट का सदस्य बनाया गया था। ट्रस्ट को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में मंदिर की व्यवस्थाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही और मजबूत होगी।
पदभार संभालते ही कृष्ण मोहन ने अपनी तीन प्रमुख प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं—
- चढ़ावा और दान व्यवस्था में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करना।
- श्रद्धालुओं का विश्वास दोबारा मजबूत करना और सुरक्षा व्यवस्था को सख्त बनाना।
- मंदिर प्रशासन की कार्यप्रणाली को अधिक जवाबदेह और व्यवस्थित बनाना, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
कृष्ण मोहन ने कहा कि हाल की घटना से सभी रामभक्त आहत हैं। ट्रस्ट का पहला उद्देश्य श्रद्धालुओं का विश्वास फिर से स्थापित करना और मंदिर की व्यवस्था को पहले से अधिक पारदर्शी एवं सुरक्षित बनाना है।

