
भारत की स्पोर्ट्स गुड्स इंडस्ट्री को सशक्त बनाने के लिए ‘स्पोर्टएज मेरठ’ पहल की शुरुआत
“खेल भारत का नया उद्यम है — मेरठ अगले दशक के खेल निर्माण का केंद्र बनेगा” : जयन्त चौधरी
मेरठ, उत्तर प्रदेश | 29 नवंबर 2025
भारत की खेल निर्माण क्षमता को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाने और स्पोर्ट्स इंडस्ट्री में रोजगार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आज केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं शिक्षा मंत्रालय के राज्य मंत्री श्री जयन्त चौधरी ने ‘स्पोर्टएज मेरठ’ (Sports & Entrepreneurship Development for Growth & Excellence) पहल का शुभारंभ किया।
यह पहल राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) द्वारा स्पोर्ट्स सेक्टर स्किल काउंसिल, ब्रिटिश एशियन ट्रस्ट (BAT), इंडस्ट्री एसोसिएशन, CSR साझेदारों एवं अन्य संस्थागत सहयोगियों के साथ मिलकर लागू की जा रही है।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य मेरठ को वैश्विक स्तर पर स्पोर्ट्स मैन्युफैक्चरिंग, नवाचार, प्रशिक्षण और उद्यम कौशल विकास का प्रमुख केंद्र बनाना है।
🛠️ प्रमुख लक्ष्य
- मेरठ की स्पोर्ट्स गुड्स इंडस्ट्री को इंटरनेशनल स्टैंडर्ड्स और एक्सपोर्ट क्षमता के अनुरूप विकसित करना
- 5,000 से अधिक नैनो उद्यमियों को कौशल, वित्त और बाज़ार उपलब्ध कराना
- महिलाओं और स्थानीय युवाओं के लिए उद्यमिता एवं रोजगार के अवसर बढ़ाना
- गेम्स टेक्नोलॉजी, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और आधुनिक प्रोडक्ट डिज़ाइन को बढ़ावा देना
🗣️ मंत्री का वक्तव्य
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री जयन्त चौधरी ने कहा:
“खेल केवल मेडल जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और उद्यमिता की ताकत है। भारत आने वाले वर्षों में कॉमनवेल्थ गेम्स और वैश्विक स्पोर्ट्स अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की तैयारी में है। ऐसे समय में मेरठ के स्पोर्ट्स निर्माताओं, कारीगरों और युवाओं को आधुनिक तकनीक, कौशल और वैश्विक बाजारों तक पहुंच दिलाना आवश्यक है।”
🔑 स्पोर्टएज मेरठ के चार प्रमुख स्तंभ
| स्तंभ | उद्देश्य |
|---|---|
| बाजार प्रतिस्पर्धा | ग्लोबल स्टैंडर्ड, इनोवेशन और एक्सपोर्ट क्षमता विकसित करना |
| सतत आजीविका | महिला उद्यमियों और स्थानीय सप्लाई चेन को सशक्त बनाना |
| स्थानीय खेल प्रतिभा विकास | स्कूलों और अकादमियों के साथ मिलकर नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ाना |
| जेंडर इक्विटी | प्रशिक्षण, नेतृत्व और रोजगार में महिलाओं की समान भागीदारी |
👩💼👨🔧 महिलाओं और नैनो उद्यमियों को मिलेगा नया अवसर
स्पोर्टएज के अंतर्गत:
- 1,000 महिला-नेतृत्व वाली इकाइयों को औपचारिक वित्तीय और व्यवसायिक सहायता
- प्रत्येक उद्यमी की आय में कम से कम 25% वृद्धि का लक्ष्य
- प्रशिक्षण, लोन पहुँच, मार्केट लिंक और डिज़ाइन सपोर्ट उपलब्ध कराया जाएगा
🎓 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना
कार्यक्रम के बाद श्री जयन्त चौधरी ने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ में
स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग — सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (बैडमिंटन रैकेट यूनिट) का उद्घाटन किया।
यह केंद्र:
- कारीगरों, प्रशिक्षुओं एवं युवाओं को अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग और डिज़ाइन प्रशिक्षण देगा
- स्पोर्ट्स उद्योग में महिलाओं की तकनीकी भागीदारी बढ़ाएगा
- इंडस्ट्री-एकेडमिक साझेदारी को मजबूत करेगा
🏗️ स्थानीय खेल अवसंरचना को मिलेगा समर्थन
स्थानीय सांसद और विधायक अपने क्षेत्रीय विकास निधियों से मेरठ में खेल सुविधाओं का विस्तार करेंगे, जिससे:
- जमीनी स्तर पर खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा
- प्रशिक्षण, टूर्नामेंट और सामुदायिक सहभागिता में वृद्धि होगी
🌍 भविष्य दृष्टि
स्पोर्टएज मेरठ मॉडल को आने वाले वर्षों में अन्य स्पोर्ट्स क्लस्टरों में लागू किया जाएगा, जिससे:
✔ खेल उद्योग में निर्यात बढ़ेगा
✔ रोजगार और उद्यमिता के अवसर बढ़ेंगे
✔ भारत वैश्विक स्पोर्ट्स अर्थव्यवस्था में अग्रणी स्थान प्राप्त करेगा
📌 समापन संदेश:
स्पोर्टएज मेरठ भारत की खेल अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने, उद्योग को आधुनिक बनाने और लाखों युवाओं को अवसर प्रदान करने की ऐतिहासिक पहल है।

