महिला अखाड़ों की भागीदारी, कुंभ तैयारियों और धर्म के नाम पर कथित अनियमितताओं को लेकर राष्ट्रीय साध्वी परिषद में होगी चर्चा
नाशिक। आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियों के बीच साध्वी त्रिकाल भवंता सरस्वती ने कुंभ में शामिल होने वाले साधु-संतों एवं महंतों के सत्यापन की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि धर्म के नाम पर कथित रूप से गलत गतिविधियों में संलिप्त लोगों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए उचित जांच व्यवस्था होनी चाहिए।
साध्वी त्रिकाल भवंता ने कुंभ की तैयारियों को लेकर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आयोजन से जुड़े कार्यों और साधु-संतों के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं के संबंध में स्पष्ट जानकारी सामने आनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि कई क्षेत्रों में अभी अपेक्षित स्तर की तैयारियां दिखाई नहीं दे रही हैं।
महिला अखाड़ों की भागीदारी का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों में महिलाओं को भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। उनका मानना है कि महिला साध्वियों की भूमिका धर्म और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण रही है तथा उन्हें समान अवसर मिलने चाहिए।
साध्वी ने बताया कि 21 और 22 जून को नाशिक के तपोवन में राष्ट्रीय साध्वी परिषद का आयोजन प्रस्तावित है, जिसमें देशभर से महिला साध्वियों के शामिल होने की संभावना है। परिषद में धर्म जागरण, महिला साध्वियों की भागीदारी तथा विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक विषयों पर चर्चा की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि साध्वी त्रिकाल भवंता द्वारा उठाए गए मुद्दों के बाद सिंहस्थ कुंभ की तैयारियों, महिला अखाड़ों की भूमिका तथा सत्यापन व्यवस्था को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि इन आरोपों और दावों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया आना शेष है।

