हरिद्वार। श्यामपुर रेंज के जंगल में नर बाघ का क्षत-विक्षत शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया। करीब दो वर्ष आयु के बाघ के चारों पैर कटे मिले, जबकि उसकी खाल और दांत सुरक्षित पाए गए। प्रारंभिक जांच में मामला वन्यजीव शिकार और तस्करी से जुड़ा माना जा रहा है। वन विभाग ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरा आरोपी फरार बताया जा रहा है।
वन विभाग के अनुसार रविवार शाम करीब 6:30 बजे सजनपुर बीट स्थित कम्पार्टमेंट संख्या-09 में सर्च ऑपरेशन के दौरान बाघ का शव बरामद हुआ। मौके पर एक मृत भैंस भी मिली, जिसके आधार पर आशंका जताई जा रही है कि बाघ को जहरीला मांस खिलाकर मारा गया।
सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने पहले मृत भैंस को जंगल में डालकर उसके ऊपर जहरीला पदार्थ छिड़का। जैसे ही बाघ ने मांस खाया, उसकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपियों ने बाघ के चारों पैर काट दिए और उन्हें बेचने की तैयारी कर रहे थे। वन विभाग की टीम ने समय रहते कार्रवाई करते हुए शव और कटे हुए पैर बरामद कर लिए।
मुखबिर से वन गुर्जरों की संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद वन विभाग ने इलाके में तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान आलम उर्फ फम्मी पुत्र शमशेर निवासी गुर्जर डेरा, श्यामपुर कम्पार्टमेंट-09 को गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं आमिर हमजा उर्फ मियां पुत्र मायी निवासी गुर्जर डेरा, कम्पार्टमेंट-03 मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इससे पहले बाघ और गुलदार के शिकार मामलों में बाहरी तस्करों के नाम सामने आते रहे हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर इस तरह की घटना पहली बार सामने आई है। बाघ के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और मामले की गहन जांच जारी है।
डीएफओ ने स्पष्ट किया कि वन्यजीवों के शिकार और तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। श्यामपुर रेंज समेत आसपास के वन क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है तथा फरार आरोपी की तलाश में लगातार सर्च अभियान चलाया जा रहा है।

