
हरिद्वार।
आगामी 9 जून को रुड़की में प्रस्तावित गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन के प्रांतीय चुनाव और दूसरी असंवैधानिक कार्यवाही पर उप निबंधक फर्म सोसाइटी एवं चित्स हरिद्वार ने रोक लगादी है। उप निबंधक कार्यालय के पत्र दिनांक 29 मई द्वारा संस्था के अध्यक्ष सचिव को संबोधित और शिकायतकर्ता हरिद्वार के महामंत्री जे पी चाहर को पृष्ठांकित पत्र में सोसाइटी एक्ट 1860 के प्राविधानों के अनुसार कार्यवाही कर अवगत करने के निर्देश दिए गए हैं।
उधर शिकायतकर्ता हरिद्वार के महामंत्री ने 18 मई के प्रस्ताव के क्रम में अध्यक्ष बी पी चौहान की सहमति से पुनः एक पत्र भेजकर प्रभावी कार्यवाही की मांग दोहराई है । चाहर ने उपनिबंधक के अलावा डी एम, एस एस पी और अन्य सक्षम अधिकारियों को भेजे पत्र में लिखा है कि विवादित पदाधिकारियों और कार्यकारिणी का कार्यकाल 3 जून को खत्म हो जाने की स्थिति में ये लोग किसी भी नीतिगत कार्यवाही के लिए वैध नहीं रह जाते हैं और यदि कूटरचित कोई कार्यवाही करते हैं तो अधिनियम का उल्लंघन होगा जो अपराध है।
पेंशनर संगठन की गतिविधियों पर रोक लगाने, कार्यकारिणी का कार्यकाल समाप्त हो जाने से उत्पन्न संवैधानिक संकट पर और भविष्य में इसके विधिवत संचालन पर विचार विमर्श हेतु संस्था के जिला शाखाओं और संबद्ध संगठनों के पदाधिकारियों ने देर शाम वर्चुअल मीटिंग कर की जिसमे अधिकांश शाखाओं के पदाधिकारियों ने भाग लिया। गूगल मीट पर हुई बैठक में जनपद हरिद्वार के अध्यक्ष बी पी चौहान, आर के जोशी, वी के गुप्ता, रमेश पंत, रामसरीख, अतर सिंह, बी पी सिंह सैनी, देहरादून के अध्यक्ष चौधरी ओम वीर सिंह, व उपाध्यक्ष दिनेश जोशी, सुशील त्यागी, ऊधम सिंह नगर के महामंत्री एस के नय्यर, हल्द्वानी के महामंत्री विजय तिवारी, रमेश चंद्र पांडे, वीरेंद्र शर्मा, खोखर जी , ओ पी तिवारी आदि ने विचार व्यक्त किए।
जे पी चाहर
महामंत्री


