गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन ने प्रतिवर्ष 17 दिसम्बर को “राष्ट्रीय पेंशनर्स दिवस” आयोजित करने की मांग उत्तराखण्ड शासन से की है।

हरिद्वार, 1 दिसम्बर।

गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन ने प्रतिवर्ष 17 दिसम्बर को “राष्ट्रीय पेंशनर्स दिवस” आयोजित करने की मांग उत्तराखण्ड शासन से की है। विदित है कि पूर्ववर्ती राज्य उत्तर प्रदेश में पिछले 10 वर्षों से सभी जिलों में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय पेंशनर्स दिवस मनाया जा रहा है।

बताते चलें कि इस दिन वित्त और कोषागार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति में पेंशनर्स की समस्याओं का स्थल पर निराकरण किया जाता है और सभी को पेंशनर्स का सम्मान करने हेतु निर्देश दिए जाते हैं। इस साल के आयोजन हेतु भी उत्तर प्रदेश शासन ने 26 नवंबर को आदेश निर्गत कर दिए हैं किंतु साल भर से अनेक बार अनुरोध के बावजूद उत्तराखण्ड शासन द्वारा अभी तक समुचित कार्यवाही नहीं की गई है।

उत्तराखण्ड शासन के अपर मुख्य सचिव, वित्त को भेजे गए पत्र में जी पी डब्लू ओ के महामंत्री जे पी चाहर ने शीघ्र शासनादेश निर्गत करने का आग्रह किया है। जिलाध्यक्ष बी पी चौहान ने बताया कि जी पी डब्लू ओ के अनुरोध पर वित्त विभाग के अनुसचिव सत्येंद्र वर्मन की ओर से 29 सितंबर को पत्र लिखकर कोषागार निदेशक से आख्या मांगी गई थी किंतु अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है जिससे लगता है कि मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।

महामंत्री चाहर ने बताया कि गत वर्ष जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधान मंत्री और मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में मांग संख्या 9 पर और उसके बाद प्रत्येक ज्ञापन के मांगपत्र में राष्ट्रीय पेंशनर्स दिवस मनाए जाने पर बल दिया गया है। चाहर ने चेतावनी देते हुए कहा कि गत वर्ष की भांति इस बार भी पेंशनर्स अपने बलबूते यह आयोजन कर लेंगे लेकिन शासन को थोड़ी भी शर्म और संवेदना है तो आगे आकर जल्दी शासनादेश निर्गत करना चाहिए।

संलग्न: दोनों प्रदेश के शासन के पत्र।

जे.पी. चाहर,
महामंत्री

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