🚨 नशा मुक्त उत्तराखंड के संकल्प की ओर बड़ा कदम — हरिद्वार पुलिस ने शिक्षण संस्थानों के साथ की अहम बैठक, छात्रों का होगा रैंडम ड्रग टेस्ट 🚨
हरिद्वार।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के नेतृत्व में “नशा मुक्त उत्तराखंड – देवभूमि अभियान” को मजबूत दिशा देने के लिए आज दिनांक 21 नवंबर 2025 को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का संचालन सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी ऑपरेशन हरिद्वार जितेंद्र चौधरी द्वारा पुलिस कार्यालय रोशनाबाद में किया गया।
इस बैठक में जनपदीय ANTF टीम, नगर क्षेत्र के विभिन्न इंटर कॉलेजों, शिक्षण संस्थानों के प्रधानाचार्य व प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
⭐ बैठक के मुख्य उद्देश्य:
- पुलिस और शिक्षण संस्थानों के बीच समन्वय बढ़ाना
- विद्यार्थियों में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाना
- भविष्य के नागरिकों को नशे से बचाने हेतु प्रभावी रणनीति तैयार करना
🔍 रैंडम ड्रग टेस्ट होंगे — सीएमओ टीम करेगी निगरानी
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सभी स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों से एंटी ड्रग डिक्लेरेशन फॉर्म/सहमति पत्र भरवाए जाएंगे।
इन सहमति पत्रों के आधार पर कुछ छात्रों के रैंडम ड्रग टेस्ट स्वास्थ्य विभाग और सीएमओ हरिद्वार की टीम के माध्यम से कराए जाएंगे।
🏫 शिक्षण संस्थानों को दिए गए निर्देश:
- प्रत्येक विद्यालय/कॉलेज में एंटी ड्रग कमेटी एवं एंटी ड्रग क्लब का गठन
- छात्रों में नशा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना
- व्यवहार, उपस्थिति और गतिविधियों में संदेह होने पर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को सूचना देना
🤝 शिक्षण संस्थानों का संकल्प
उपस्थित सभी प्रतिनिधियों ने इस अभियान में पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया और कहा—
“युवा पीढ़ी को नशे से बचाना केवल पुलिस की नहीं, समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।”
बैठक में संस्थानों ने अपने-अपने सुझाव एवं चुनौतियाँ भी साझा कीं, जिसके समाधान हेतु संबंधित थाना प्रभारियों को दिशा-निर्देश जारी किए गए।
🛑 संदेश स्पष्ट है—
“बच्चों को नशे की गिरफ्त से बचाना सिर्फ जिम्मेदारी नहीं, आने वाले भविष्य को सुरक्षित करने का संकल्प है।”

