विश्व मानव तस्करी विरोधी दिवस पर दिल्ली पब्लिक स्कूल, रानीपुर की जागरूकता रैली में सक्रिय सहभागिता

विश्व मानव तस्करी विरोधी दिवस पर दिल्ली पब्लिक स्कूल, रानीपुर की जागरूकता रैली में सक्रिय सहभागिता
हरिद्वार | 29 जुलाई 2026

हरिद्वार से रोहित वर्मा की रिपोर्ट –
विश्व मानव तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), हरिद्वार के तत्वावधान में मानव तस्करी जैसी गंभीर सामाजिक समस्या के प्रति जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक विशाल जागरूकता रैली का आयोजन किया गया।

इस रैली में हरिद्वार के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। दिल्ली पब्लिक स्कूल, रानीपुर के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने भी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराते हुए आकर्षक बैनरों, जागरूकता संबंधी पोस्टरों एवं प्रेरक नारों के माध्यम से BHEL नगर की प्रमुख सड़कों पर रैली निकाली। विद्यार्थियों ने आमजन को मानव तस्करी के दुष्परिणामों से अवगत कराया तथा बच्चों की सुरक्षा, उनके अधिकारों एवं मानव गरिमा की रक्षा के लिए समाज को जागरूक करने का संदेश दिया। उनकी अनुशासित एवं ऊर्जावान सहभागिता की स्थानीय नागरिकों ने भी सराहना की।

विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. अनुपम जग्गा ने इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हरिद्वार द्वारा आयोजित इस महत्वपूर्ण सामाजिक जागरूकता अभियान की प्रशंसा करते हुए कहा कि मानव तस्करी के विरुद्ध जागरूकता ही सबसे प्रभावी हथियार है। विद्यार्थियों को समाज के जिम्मेदार नागरिक बनकर इस अपराधो के विरुद्ध जन-जागरूकता फैलाने तथा प्रत्येक व्यक्ति के अधिकारों एवं सम्मान की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए।

रैली के समापन अवसर पर माननीय श्रीमती सिमरनजीत कौर, सिविल जज (सीनियर डिवीजन) एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हरिद्वार ने सभी सहभागी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि मानव तस्करी के विरुद्ध जन-जागरूकता अभियान तभी सफल होगा जब समाज का प्रत्येक वर्ग इसमें अपनी जिम्मेदारी निभाए। विद्यार्थियों का उत्साह, अनुशासन एवं सामाजिक उत्तरदायित्व इस अभियान की सफलता का आधार है।

यह जागरूकता रैली समाज को यह संदेश देने में सफल रही कि मानव तस्करी जैसी अमानवीय अपराधों की रोकथाम के लिए सामूहिक जागरूकता, सामाजिक सहभागिता एवं निरंतर जन-शिक्षा अत्यंत आवश्यक है। ऐसे प्रयास एक सुरक्षित, संवेदनशील एवं मानव गरिमा पर आधारित समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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