प्रेमनगर आश्रम के स्वयंसेवक उतरे स्वच्छता अभियान में, बंद गंगा से हटाया सैकड़ो क्विंटल कूड़ा

प्रेमनगर आश्रम के स्वयंसेवक उतरे स्वच्छता अभियान में, बंद गंगा से हटाया सैकड़ो क्विंटल कूड़ा

हरिद्वार,25 अक्टूबर। कुंभ मेला-2027 से पहले हरिद्वार में चल रहे बृहद स्वच्छता अभियान को रविवार को बड़ी ताकत मिली, जब प्रेमनगर आश्रम के सैकड़ों स्वयंसेवक गंगा घाटों की सफाई के लिए उतरे।

उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री,आध्यात्मिक गुरु और प्रेमनगर आश्रम के परमाध्यक्ष सतपाल महाराज के मार्गदर्शन और आश्रम प्रबंधक पवन कुमार व अनुज रावत के नेतृत्व में आश्रम के अनुयायी सुबह से ही घाटों पर जुट गए। प्रेमनगर चौक से सटे प्रेमनगर आश्रम घाट से अभियान शुरू हुआ, जो आसपास के अन्य छोटे-बड़े घाटों तक फैला।

गंग नहर बंदी का लाभ उठाते हुए स्वयंसेवकों ने नहर के पाट में बड़ी मात्रा में जमा कपड़े,पॉलीथीन, कचरा, घास-फूस और गाद को हाथों से निकालकर एकत्र किया। कई सौ क्विंटल कूड़ा-कचरा एकत्र कर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर नगर निगम के निस्तारण स्थल पर भिजवाया गया। घाटों और बंद पड़ी गंगा में बिखरी गंदगी को हटाने के साथ-साथ सीढ़ियों और रपटों की भी सफाई की गई।
आश्रम के महाप्रबंधक महात्मा सौम्यानंद ने बताया कि स्वच्छता ही गंगा की वास्तविक सेवा है। बंदी के दौरान यदि घाटों की सफाई न की गई तो नहर खुलने पर यही कचरा गंगा में बह जाएगा, जिससे स्नान करने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी होगी। इसलिए समय रहते गंगा व घाटों को पूरी तरह स्वच्छ करना जरूरी है।

स्वयंसेवकों ने आम लोगों से भी अपील की कि घाटों व गंगा में पुराने कपड़े व कूड़ा न फेंकें, पॉलीथीन का उपयोग न करें और गंगा को निर्मल बनाए रखने में सहयोग करें। उनका कहना था कि गंगा केवल नदी नहीं, करोड़ों लोगों की आस्था है, इसकी सफाई सामूहिक जिम्मेदारी है।

स्वच्छता अभियान के बीच पहुंचे मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्र ने स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन किया और कहा कि सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं के जुड़ने से इस अभियान को गति मिली है। प्रेमनगर आश्रम के वरिष्ठ कार्यकर्ता शंकर लाल का कहना है कि वे कुंभ तक लगातार श्रमदान जारी रखेंगे, ताकि हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ और सुंदर घाट मिल सकें।
कई समूह में सफाई अभियान में जुटे इन सैकड़ो कार्यकर्ताओं का नेतृत्व मोतीलाल व नरेंद्र कुमार ने किया

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