उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी का निधन
देहरादून। भुवन चंद्र खंडूरी का मंगलवार को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह 91 वर्ष के थे। उनके निधन की खबर से उत्तराखंड समेत पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। बताया जा रहा है कि उन्होंने देहरादून के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली।
भुवन चंद्र खंडूरी भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते थे। वह उत्तराखंड के दो बार मुख्यमंत्री रहे और अपनी साफ-सुथरी छवि, अनुशासन तथा ईमानदार राजनीति के लिए पहचाने जाते थे। लोग उन्हें सम्मानपूर्वक “जनरल साहब” भी कहते थे, क्योंकि उन्होंने भारतीय सेना में मेजर जनरल के पद पर लंबे समय तक सेवा दी थी।
खंडूरी ने वर्ष 2007 में पहली बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली थी। इसके बाद वह दोबारा भी मुख्यमंत्री बने। उनके कार्यकाल में सड़क, आधारभूत ढांचे और प्रशासनिक सुधारों पर विशेष ध्यान दिया गया। सेना की पृष्ठभूमि होने के कारण उनकी कार्यशैली बेहद अनुशासित मानी जाती थी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि भुवन चंद्र खंडूरी का योगदान राज्य के विकास और राजनीति में सदैव याद रखा जाएगा। कई राजनीतिक दलों के नेताओं और सामाजिक संगठनों ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
भुवन चंद्र खंडूरी के निधन को उत्तराखंड की राजनीति के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। प्रदेशवासियों ने उन्हें एक सच्चे जनसेवक, ईमानदार नेता और अनुशासित प्रशासक के रूप में याद किया।

