🚩🚩कनखल में शरद पूर्णिमा महोत्सव!
कनखल संदेश नगर स्थित स्वयंभू चरणपीठ श्रीनिकुंजधाम में बृज परंपरा के अनुसार रास महोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा।स्मरण हो शरद पूर्णिमा की रात्रि में ही योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण ने रास क्रीड़ा के माध्यम से बृज गोपियों को सर्वोच्च दिव्य आनंद रस प्रदान किया था । वही रास नृत्य कालांतर में रासलीलाओं में पद गायन के साथ नाट्य मंचन किया जाने लगा है,जिसे उसी वृन्दावन की लोक परंपरा के अनुसार वृंदावन के ही बृजवासी संत हरिनामदास चन्द्रसागरजी महाराज अपने चरण पीठ में मनाएंगे। अतः आप भी उस युगल झांकी के बृज रस को अवगाहन करने रात्रि 9 बजे से 12 बजे तक अवश्य पधारिए। लोक मान्यता के अनुसार उस रात्रि खीर बनाकर शरद पूर्णिमा में पूर्ण चंद्र की छाया में रखने की परंपरा है,इसीलिए 12 बजे महाआरती के बाद वही खीर प्रसाद भक्त जनों में वितरण किया जाएगा। वृन्दावन के प्रसिद्ध अष्ट छाप के कवियों द्वारा स्वरचित पदों का गायन और गोपीगीत का गायन होगा।आप में से यदि कोई स्वेच्छा से रास से जुड़े भजन गाने का शौकीन होगा तो उसे भी यहां गाने का अवसर प्रदान किया जाएगा।अतः आप सभी हरिद्वार व आसपास के क्षेत्रवासी इस रास संकीर्तन उत्सव में अवश्य पधारें।
कनखल में शरद पूर्णिमा महोत्सव!

