सादगी सफलता की कुंजी
मैं बहुत मजे में हूँ, क्योंकि
मैं अपनी कम औक़ात से,
कभी ना शरमाऊँ।
मैं खरीदता हूँ वही,
जिसके लिए पीछे ना पछताऊँ।
मैं बैठता हूँ वहीं,
जहाँ से कभी उठाया ना जाऊँ।।
भोजन उत्तम स्वास्थ के लिए है,
जीभ कहे सो ना खाऊँ।
बुद्धि मेरी बन जाये ऐसी,
हद से बाहर कभी ना जाऊँ।
सादगी सफलता की कुंजी।
समाज सेविका शशि अग्रवाल की कलम से।

