पैसे की जरूरत ने बनाया फर्जी जज
आज उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक महिला फर्जी जज बिजनौर के एचडीएफसी बैंक में किसी का लोन कराने के लिए बैंक पहुंची बैंक में पहुंचने पर उन्होंने अपना फर्जी न्यायाधीश का कार्ड दिखाया और सारे डॉक्यूमेंट इकट्ठा करने के बाद आज लोन का पैसा उस खाते में जाना था जिसके लिए लोन हुआ था लेकिन बैंक वालों ने संदिग्ध मानते हुए थाना कोतवाली शहर को सूचना दी जिस सूचना पर कोतवाली शहर की पुलिस वहां पहुंचकर महिला को गाड़ी समेत थाने ले आई थाने में लाकर जब उससे कड़ाई से पूछताछ हुई तो उसने स्वीकार किया कि मैंने एलएलबी की पढ़ाई देहरादून से कर रखी है और पैसे के लालच में बैंकों से लोन कराती हूं इस महिला जज ने स्वीकार किया कि मैं 15 लाख रुपए का लोन इस बैंक से कराया था जबकि बैंक कर्मी बता रहे हैं कि इसने 25 लाख का लोन स्वीकृत कराया था इस महिला ने पूछताछ में बताया कि इसका नाम आयशा परवीन पुत्री सुलेमान रिटायर टीचर निवासी गधेड़ा कल जनपद मुजफ्फरनगर की रहने वाली है जो हाल में रामपुर में रह रही है इसके साथ बिजनौर में प्रैक्टिस कर रहे एक वकील अनस को भी इसके साथ कार में घूमते थे जो मंडावर के किशनवाजपुर का रहने वाले हैं आयशा परवीन के ड्राइवर ने अपना नाम नीरज बताया जो रामपुर जनपद का रहने वाला हैं और इको गाड़ी चलाने के लिए किराए पर बुलाया जाता था बिजनौर थाना कोतवाली शहर पुलिस पूछताछ करने के बाद आयशा परवीन को फर्जी मानते हुए संबंधित धाराओं में अभियोग पंजित करने जा रही है

