
पेट्रोल पंप मालिकों का नया ड्रामा शुरू! देश रक्षक पर स्थित गणेश पेट्रोल पंप पर सिक्के लेने से इनकार
देश रक्षक क्षेत्र में स्थित गणेश पेट्रोल पंप एक बार फिर विवादों में आ गया है। लंबे समय से चर्चाओं में रहा यह पेट्रोल पंप कभी तेल की किल्लत तो कभी कथित फ्रॉडबाज़ी के आरोपों को लेकर सुर्खियों में बना रहता है। अब इस पेट्रोल पंप से जुड़ा एक नया और चौंकाने वाला मामला सामने आया है।
पेट्रोल पंप पर तेल बेचने वाले कर्मचारियों का कहना है कि मालिक द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी हालत में सिक्के स्वीकार नहीं किए जाएंगे। चाहे ग्राहक 10 रुपये का सिक्का लाए या 20 रुपये का, कर्मचारियों को सिक्के लेने से मना किया गया है। केवल नोटों में ही भुगतान लेने का आदेश दिया गया है।
ग्राहकों का कहना है कि यह रवैया न सिर्फ आम जनता को परेशान करने वाला है, बल्कि कानूनी नियमों और भारतीय मुद्रा की मान्यता पर भी सवाल खड़े करता है। कई बार ग्राहकों और कर्मचारियों के बीच इसी बात को लेकर बहस की स्थिति बन जाती है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पहले ही यह पेट्रोल पंप तेल उपलब्ध न होने और अनियमितताओं को लेकर चर्चा में रहा है, और अब सिक्के न लेने का फरमान जारी कर आम जनता पर दबाव बनाया जा रहा है।
मैनेजर पर आरोप: सिक्के लेने से सीधा इनकार
वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मैनेजर द्वारा कहा गया कि
👉 10 और 20 रुपये के सिक्के नहीं लिए जाएंगे,
👉 केवल कागजी नोटों में ही भुगतान स्वीकार होगा।
इस दौरान ग्राहक और स्टाफ के बीच तीखी बहस भी देखी गई, जिसका वीडियो अब सार्वजनिक हो चुका है।
कानून के जानकार बोले: वैध मुद्रा ठुकराना अपराध की श्रेणी में
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि RBI द्वारा जारी सिक्के वैध कानूनी मुद्रा (Legal Tender) होते हैं और उन्हें लेने से इनकार करना कानूनी उल्लंघन माना जा सकता है।
यदि वायरल वीडियो और आरोपों की पुष्टि होती है, तो संबंधित मैनेजर और प्रबंधन पर इन धाराओं में कार्रवाई संभव है —
संभावित कानूनी धाराएं
🔹 RBI Act, 1934 – धारा 26(1)
वैध भारतीय मुद्रा को अस्वीकार करना कानून की भावना के विरुद्ध।
🔹 Coinage Act, 2011
कानूनी सिक्कों को स्वीकार न करना दंडनीय कृत्य की श्रेणी में आ सकता है।
🔹 भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023
धारा 223 – लोक व्यवस्था से जुड़े नियमों की अवहेलना
धारा 270 – सार्वजनिक असुविधा (Public Nuisance)
धारा 318 – यदि उपभोक्ता को भ्रमित कर लेन-देन किया गया हो
🔹 तेल कंपनियों की मार्केटिंग गाइडलाइंस (MDG)
उपभोक्ता के साथ भेदभाव पर पेनल्टी, लाइसेंस निलंबन या सीलिंग तक संभव।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक पेट्रोल पंप तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय मुद्रा की स्वीकार्यता और आम जनता के अधिकारों से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। वायरल वीडियो के सामने आने के बाद अब सवाल उठ रहे हैं कि
➡️ क्या प्रशासन इस मामले का संज्ञान लेगा?
➡️ क्या मैनेजर की भूमिका की जांच होगी?
➡️ और क्या प्रबंधन की जवाबदेही तय की जाएगी?
फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन वीडियो के वायरल होने के बाद कार्रवाई की मांग तेज़ हो गई है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस नए खुलासे पर क्या कार्रवाई करता है।सवाल यह है कि क्या किसी पेट्रोल पंप मालिक को वैध भारतीय सिक्के लेने से इनकार करने का अधिकार है? और क्या संबंधित विभाग इस पूरे मामले पर संज्ञान लेगा या नहीं।

