हरिद्वार में पेंशनर्स का कैंडल मार्च, आठवें वेतन आयोग में पेंशन पुनरीक्षण शामिल करने की मांग

📰 हरिद्वार में पेंशनर्स का कैंडल मार्च, आठवें वेतन आयोग में पेंशन पुनरीक्षण शामिल करने की मांग

हरिद्वार, 29 नवंबर।

केंद्रीय आठवें वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस में पेंशन पुनरीक्षण को शामिल न किए जाने के विरोध में राबीजकीय पेंशनर्स ने कैंडल मार्च निकालकर अपना रोष व्यक्त किया। गवर्नमेंट पेंशनर्स वेल्फेयर ऑर्गेनाइजेशन के बैनर तले आयोजित इस विरोध प्रदर्शन के दौरान पेंशनर्स ने जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा।

देवपुरा स्थित पंत पार्क में देर शाम एकत्र हुए पेंशनर्स ने 3 नवंबर को जारी भारत सरकार की गजट अधिसूचना पर विस्तृत चर्चा की और इसे पेंशनर्स के हितों के विरुद्ध बताया। पेंशनर्स पदाधिकारियों का कहना है कि इससे पूर्व गठित वेतन आयोगों में पेंशन पुनरीक्षण शामिल रहा था, लेकिन इस बार इसे टर्म्स ऑफ रेफरेंस से बाहर रखना गंभीर चिंता का विषय है।

सभा को संबोधित करते हुए संगठन के जिलाध्यक्ष बी पी चौहान एवं महामंत्री जे पी चाहर ने कहा कि आयोग के संदर्भित दायरे में “गैर वित्त पोषित गैर अंशदायी पेंशन” का उल्लेख कर सरकार इसे वित्तीय बोझ दिखाने का प्रयास कर रही है, जिससे पेंशनर्स में असंतोष और आशंका बढ़ी है। उन्होंने यह भी कहा कि आयोग गठन से पहले वित्तीय विधेयक पारित होने के बाद भी पेंशनरों ने विरोध दर्ज कराया था और ज्ञापन भेजा था।

ज्ञापन के माध्यम से पेंशनर्स ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि—
✔ आठवें वेतन आयोग में पेंशन पुनरीक्षण शामिल किया जाए।
✔ पेंशनर संगठनों से परामर्श लेकर निर्णय लिया जाए।

नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनके मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया गया तो देशभर के वरिष्ठ नागरिक पेंशनर्स आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि ₹10 लाख करोड़ के संचित पेंशन फंड को अन्य मद में खर्च करने के किसी भी प्रयास का पुरजोर विरोध किया जाएगा।

संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एल सी पाण्डेय और रमेश चंद पंत ने केंद्र सरकार पर पेंशन विरोधी नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि 2004 में पुरानी पेंशन योजना बंद होने के बाद अब एक बार फिर पेंशन समाप्त करने की साजिश की जा रही है।

सभा के बाद पेंशनर्स ने हाथों में मशाल और मोमबत्तियां लेकर सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय तक कैंडल मार्च निकाला। पूरे मार्ग में पेंशनर्स सरकार-विरोधी नारे और अपनी मांगों को आवाज देते हुए आगे बढ़ते रहे। कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि को सौंपा गया और पेंशनर्स ने जोरदार प्रदर्शन किया।

कैंडल मार्च में बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक और पेंशनर्स शामिल रहे, जिनमें वी के गुप्ता, आर डी अग्रवाल, एम के अग्रवाल, हरीश चंद पाण्डेय, अतर सिंह, आर के अस्थाना, मुकुल पाण्डेय, मोहन लाल शर्मा, भूपेंद्र सिंह, दिनकर पंत सहित कई अन्य वरिष्ठ नागरिकों ने भागीदारी निभाई।

कार्यक्रम का नेतृत्व अध्यक्ष बी पी चौहान एवं महामंत्री जे पी चाहर ने किया। सभा को एल सी पाण्डेय, आर के अस्थाना, राकेश श्रीवास्तव, कृष्ण अवतार, सतीश कुमार सहित कई पदाधिकारियों ने संबोधित किया।


📍 रिपोर्ट: हरिद्वार — नागरिक अधिकार एवं जनआंदोलन अपडेट

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