
🌟अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव, परमार्थ निकेतन, 2026 के छठे दिन प्रातःकालीन योग साधना की दिव्य झलकियां
✨मां गंगा के पावन तट पर योग, ध्यान और ज्ञान से आलोकित हुआ अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव का छठा दिवस
अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव, परमार्थ निकेेतन, 2026 का छठा दिन योग, ध्यान और ज्ञान की दिव्य ऊर्जा को समर्पित रहा। पावन गंगा तट पर उगते सूर्य की सुनहरी किरणों के साथ योग जिज्ञासु योगासन, प्राणायाम और ध्यान में लीन हुए, मां गंगा की शीतल लहरों ने सम्पूर्ण वातावरण में एक अद्भुत शांति और सकारात्मकता का संचार किया। गंगा जी के पावन तट पर किया योग केवल शरीर को स्वस्थ बनाने की प्रक्रिया ही नहीं है, बल्कि यह आत्मा को जागृत करने की साधना है। हर आसन, हर श्वास मानो योगियों यह स्मरण कराती है कि योग केवल अभ्यास नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है, जो हमें स्वयं से, प्रकृति से और परमात्मा से जोड़ती है।
विश्व के कोने-कोने से आए योग साधकों की एकता ने यह संदेश दिया कि जब मन शांत और हृदय जागृत हो, तो पूरी मानवता एक परिवार बन जाती है।

